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जब शासक सलाह नहीं सुनता: रावण, धृतराष्ट्र और ट्रम्प की कहानी

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इतिहास और पौराणिक ग्रंथ हमें बार-बार एक ही सीख देते हैं जब सत्ता में बैठा व्यक्ति अपने बुद्धिमान सलाहकारों की बात नहीं सुनता, तो विनाश तय होता है। रामायण में रावण ने विभीषण की सलाह ठुकराई, और महाभारत में धृतराष्ट्र ने विदुर की बातों को नजरअंदाज किया। नतीजा क्या हुआ? दोनों ही मामलों में साम्राज्य का पतन। आधुनिक उदाहरण: डोनाल्ड ट्रम्प आज के समय में यही पैटर्न हमें आधुनिक राजनीति में भी देखने को मिलता है। डोनाल्ड ट्रम्प का कार्यकाल इसका एक ताजा उदाहरण बनता जा रहा है। जून में आने वाली किताब Regime Change: Inside the Imperial Presidency of Donald Trump जिसे जोनाथन स्वान और मैगी हैबरमैन ने लिखा है, उसमें ट्रम्प के फैसलों के अंदर की कहानी सामने आती है। कैसे लिया गया युद्ध का फैसला किताब के अनुसार, 11 फरवरी को बेंजामिन नेतन्याहू व्हाइट हाउस पहुंचे। उन्होंने ट्रम्प को एक विस्तृत योजना दी— ईरान पर अचानक हमला, नेतृत्व को खत्म करना, और कुछ ही हफ्तों में सत्ता परिवर्तन। यह योजना सुनने में जितनी आकर्षक थी, उतनी ही जोखिम भरी भी। सलाहकारों ने क्या कहा? ट्रम्प की टीम में बैठे अन...

मोदी जी ने वाशिंगटन डीसी में अनेक बड़ी हस्तियों से मुलाक़ात की- मस्क, विवेक रामास्वामी सुंदर पिचाई आदि के अतिरिक्त तुलसी गबार्ड जो अब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी में अहम कार्यपद पर है आदि से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाक़ात की- तस्वीरें चित्त प्रसन्न करने वाली थीं

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  मोदी जी ने वाशिंगटन डीसी में अनेक बड़ी हस्तियों से मुलाक़ात की- मस्क, विवेक रामास्वामी सुंदर पिचाई आदि के अतिरिक्त तुलसी गबार्ड जो अब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी में अहम कार्यपद पर है आदि से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाक़ात की- तस्वीरें चित्त प्रसन्न करने वाली थीं। महाशय ट्रम्प से श्री मोदी जी की लंबी मुलाक़ात चली- प्रेस कांफ्रेंस आदि भी हुई। अच्छी डिप्लोमेटिक गर्मजोशी से हुई मुलाक़ात में नमस्ते ट्रम्प और हाउडी मोदी जी की स्मृतियाँ ताज़ा हुईं- दोनों राजनेताओं ने अपनी दोस्ती का एक दूसरे को वास्ता दिया। लाइव टीवी पर दोनों को ये वार्तालाप करते देखना सुखद रहा। वैसे अनेक डील्स आदि मुकम्मल हुए हैं किंतु कुछ अहम पहलू हैं जो ध्यान देने लायक़ हैं- पहला- महाशय ट्रम्प जी ने भारत को फ़ौजी संसाधन बेचने ख़ास तौर पर लड़ाकू विमान आदि की बात कही। भारत को अपने माल बेचने पर अमेरिका ने कहीं कोई कोताही नहीं बरती। हालाँकि मोदी जी ने भी कुशलता से काफ़ी कुछ व्यापारिक और राजनीतिक दाँवपेंच खेले- जो आम मीडिया में मिल जाएँगे। दूसरा- मुंबई हमले का साज़िशकर्ता तहव्वुर राना अब भारत लाया जाएगा- ट्रम्प ने इस फ़ैसले प...