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मधु किश्वर से स्नूपगेट तक: आरोप, राजनीति और सच्चाई का पूरा विश्लेषण

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मधु किश्वर जी ने ब्रांड मोदी के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन उन्हें कोई #प्रसाद नहीं मिला।   मधु किश्वर का गुस्सा होना बनता था, लेकिन इस हद तक below the belt.....?? वो विरोधी बन गईं। इन्होंने ब्रांड मोदी को बहुत बनाया लेकिन इन्हें कुछ नहीं मिला तो अब डीब्रांड करने में जुट गई हैं! मोदी की दाद देनी होगी। मौन रहकर इन्हें और स्वामी को चित्त कर रखा है।  बोलते रहो। राजनीति में #मौन भी कम मारक हथियार नहीं होता। नरसिंहा राव साहब ने इसका खूब इस्तेमाल किया। आतंकवादी दरगाह में घुस गए और लगे प्रेशर बनाने। राव साहब चुप रहे। पड़े रहो सालों। एक दिन उबिया कर आतंकी सब छोड़छाड़ कर भाग गए! मोदी भी इसी दांव से अपने पार्टी के आंतरिक आतंकियों के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। बोलते रहो। लिखते रहो। मधु किश्वर के आरोप निराधार और #बिलो_द_बेल्ट लगते हैं।  ऐसे ही #एक_पुराने मामले के संदर्भ में chat GPT से जानकारी मांगी गई, तो उसका कहना था कि वह मामला थोड़ा जटिल है। सोशल मीडिया पर अक्सर आधे-अधूरे या गलत दावों के साथ फैलाया जाता है। इसे आमतौर पर “गुजरात स्नूपिंग कांड” या “...

मनोरंजन के नाम पर माता-पिता का अपमान: कहां जा रहा हमारा समाज?

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   मनोरंजन के नाम पर माता-पिता का अपमान: कहां जा रहा हमारा समाज? मनोरंजन और हास्य समाज में सकारात्मकता लाने के लिए होते हैं, लेकिन जब यह मर्यादा की सीमाएं लांघने लगे, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। हाल ही में एक टीवी शो में माता-पिता के प्रति घिनौने शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसने न केवल संस्कारों का अपमान किया बल्कि लाखों दर्शकों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई। क्या यह सही है? हमारे भारतीय समाज में माता-पिता को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। वे न केवल हमारे जीवन के आधार होते हैं, बल्कि हमारे चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में, सार्वजनिक मंच पर उनका अपमान किया जाना न केवल अनुचित है बल्कि नैतिक रूप से भी गलत है। मनोरंजन बनाम मर्यादा आजकल कई टीवी शो टीआरपी के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। वे हास्य और व्यंग्य के नाम पर व्यक्तिगत और सामाजिक मूल्यों का मज़ाक उड़ाने में भी हिचकिचाते नहीं हैं। अभद्र भाषा और अमर्यादित संवादों को सिर्फ एक "जोक" कहकर टाल देना, समाज में नकारात्मकता फैलाने का ही एक तरीका बन गया है। दर्शकों की भूमिका हमारे पास सबसे बड़ी ताक...

मोदी जी ने वाशिंगटन डीसी में अनेक बड़ी हस्तियों से मुलाक़ात की- मस्क, विवेक रामास्वामी सुंदर पिचाई आदि के अतिरिक्त तुलसी गबार्ड जो अब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी में अहम कार्यपद पर है आदि से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाक़ात की- तस्वीरें चित्त प्रसन्न करने वाली थीं

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  मोदी जी ने वाशिंगटन डीसी में अनेक बड़ी हस्तियों से मुलाक़ात की- मस्क, विवेक रामास्वामी सुंदर पिचाई आदि के अतिरिक्त तुलसी गबार्ड जो अब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी में अहम कार्यपद पर है आदि से भी उन्होंने गर्मजोशी से मुलाक़ात की- तस्वीरें चित्त प्रसन्न करने वाली थीं। महाशय ट्रम्प से श्री मोदी जी की लंबी मुलाक़ात चली- प्रेस कांफ्रेंस आदि भी हुई। अच्छी डिप्लोमेटिक गर्मजोशी से हुई मुलाक़ात में नमस्ते ट्रम्प और हाउडी मोदी जी की स्मृतियाँ ताज़ा हुईं- दोनों राजनेताओं ने अपनी दोस्ती का एक दूसरे को वास्ता दिया। लाइव टीवी पर दोनों को ये वार्तालाप करते देखना सुखद रहा। वैसे अनेक डील्स आदि मुकम्मल हुए हैं किंतु कुछ अहम पहलू हैं जो ध्यान देने लायक़ हैं- पहला- महाशय ट्रम्प जी ने भारत को फ़ौजी संसाधन बेचने ख़ास तौर पर लड़ाकू विमान आदि की बात कही। भारत को अपने माल बेचने पर अमेरिका ने कहीं कोई कोताही नहीं बरती। हालाँकि मोदी जी ने भी कुशलता से काफ़ी कुछ व्यापारिक और राजनीतिक दाँवपेंच खेले- जो आम मीडिया में मिल जाएँगे। दूसरा- मुंबई हमले का साज़िशकर्ता तहव्वुर राना अब भारत लाया जाएगा- ट्रम्प ने इस फ़ैसले प...