#इमरजेंसी की इकलौती वजह क्या हाईकोर्ट का फैसला था ?
#इमरजेंसी की इकलौती वजह क्या हाईकोर्ट का फैसला था ? इलाहाबाद हाईकोर्ट अपना फैसला दे चुका था। अब सबकी निगाहें इंदिराजी के अगले कदम पर थीं। विपक्ष इस्तीफे का दबाव बढ़ा रहा था। तो समर्थक चुनाव में मिले विपुल जनादेश का हवाला दे रहे थे। दिल्ली के साथ ही पड़ोसी राज्यों से आने वाले या फिर लाये जाने वाले हुजूम 1,सफदरजंग पर जुटकर मरने-मिटने की कसमें खा रहे थे। वफ़ादारी की होड़ में पार्टी नेता और राज्यों के मुख्यमंत्री सब शामिल थे। किसी कड़े कदम की #आहट थी। पर वह क्या होगा ? क्या यह हालात सिर्फ 12 जून के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले की देन थे ? वापस लौटते हैं। याद करते हैं 15 अगस्त 1947 की आधी रात की। तब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश की आजादी की घोषणा की थी। उस रात देश सोया नहीं था। सूरज जल्दी झांका था। अगली सुबह उम्मीद और उल्लास के नए उजाले के साथ आयी थी। 28 वर्ष के अंतराल पर। 25 जू...